Kitabe

1 वर्ग पलटने से। जुबान पर। जो मिठास आती थी। 1 पन्ना पलटने से। अब ऊँगली टिक करने से। बस। 1 पलक सी झपकती है। वो भी? क्या दिन थे? जब किताबों से। इस प्रथा, उनको। कभी सीने से लगा लेते थे। कभी गोद में। ले लेते थे। कभी घुटनों में। दवा दुनिया। जहान से। छुपा लेते थे। हम। किताबों को। चूम कर। पहले पहले हमें चूमते थे। और फिर पढ़ा करते थे हमको। हम। किताबों को। यूं।

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